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तजुर्बे

तुम्हारे अपनी दुनिया के तजुर्बे अलग होंगे
मेरा मसला अलग है तो मेरे तजुर्बे अलग होंगे।
तुम्हे जब दोस्त माना था
तब ये सोचा ही नहीं था
कभी हमारे ख्यालों के जैसे
हमारे रास्ते अलग होंगे।
मैं एक खामोश समंदर
वो नदियों सी अल्हड़
मैं कही जा के मिलता नहीं
वो कहीं कभी रुकती नहीं
मेरी मौज अलग है तो
उसके शौक अलग होंगे।
वो बचपन का ज़माना
और वो स्कूल की यारी
नादानों का वक्त अलग था
तो समझदारों के दौर अलग होंगे।
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