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चलो कहीं चलते हैं

चलो चलते हैं,
कहीं भी, मगर चलते हैं।
चलो ना, थोड़ा दूर ही सही,
लेकिन चलो ना, चलते हैं।
कहो ना, कुछ भी कहो ना,
हम सुनते हैं।
रुको नहीं, थको नहीं,
साथ-साथ, यूं ही निकल पड़ते हैं।
देखो ना, पीछे मुड़ के देखो ना,
मन में कहते हैं।
कहाँ जाना है? बैठो ना सड़क पर ही,
दिन के शोर से दूर, रात की चांदनी में।
कुछ पल सुकून के, चलो ना जी लेते हैं,
साथ-साथ, कुछ पल ही सही, मगर साथ में जी लेते हैं।
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