.png?alt=media&token=aba68f71-69e3-402d-b231-fdb24313c555)
तुम ख़्वाब ही रहना

तुम ख़्वाब हो तो बस ख्वाब ही रहना
मेरी पलकों तले ,मेरी आंखों में पलना।
न गिरना तुम मेरे ढलकते आंसुओं के संग कहीं
बस मेरे आंखों के कोर में छुप कर रहना।
न नजर आना किसी को हक़ीक़त बन के
तुम रातों के साए में ही घर से निकलना।
मै देख देख के तुमको खुश हो जाऊँ
कतरा कतरा ही सही जी पाऊं।
मै अगर कह भी दूं गुस्से में के, निकल जाओ
तुम मुस्कुरा के बस मेरा दामन पकड़े रखना।
मीनू यतिन
Comments (0)
Please login to share your comments.