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ये दोस्ती

हमारी हसरतें जुदा हैं
हमारे ख्वाब अलग हैं
अलग है जीने का हर ढंग
खुश होने का अंदाज अलग है ।
क्या हुआ जो हम में
एक सा कुछ भी नहीं
आईना एक है
मगर चेहरे जुदा हैं
दोस्ती में हर एक दोस्त का
अलग फलसफा है।
मगर क्या चीज है ये दोस्ती
जो जोड़ती है हमको
दूर हो कितने भी
बांध रखती है हमको।
एक चाह मिलने की
दुनिया भर के झमेलो को छोड़
ये एक आस है बचपन
फिर से जीने की।
एक मोहलत जो
खुद से खुद को
दी है खुल के जीने की।
मीनू यतिन
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