मेरी माँ

मेरी माँ

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arati samant

1 Aug 20242 min read

Published in poetry

Dedicated to my mom on her 69th Birthday 15.03.2023

 

मेरी माँ

कैसे कहूं शुक्रिया आपका मैं हे भगवान
मां के रूप में मुझे मिला है अनमोल वरदान ।
मां के बारे में क्या कहूं और क्या करूं गुणगान,
माँ से ही मेरी हस्ती माँ पापा से ही मेरा अभिमान ।

पापा ने पैसे कमाए पर सही रास्ता आपने ही दिखाया है,
सिर्फ माँ बाप कभी धोखा नहीं दे सकते बाकी जग तो पराया है।
ना खरीदे गहने कपड़े, ना घूमें कभी आप लोग महंगी गाड़ी में,
हमारे उज्जवल भविष्य की तपस्या में सालों गुजारे 2 सूती साड़ी में।

अपना जीवन काटा कष्टों में, सब इच्छाएँ और ख्वाहिशें भी दबाई,
सारे दर्द सहकर हमारे आगे बढ़ने की राह आसान बनाई,
खुद अनपढ़ हो कर भी हमें शिक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाया,
तिनका तिनका बचाकर एक अनजान शहर में अपना घरौंदा बनाया।

झूठा दिखावा ना कर कहा मेहनत से अपनी पहचान बनाओ,
पैसा नहीं तुम लोग बस पढ़ लिखकर दुनिया में नाम कमाओ ।
मम्मी पापा आप दोनों ने बखूबी निभाया है अपना फर्ज,
इस जन्म में तो क्या किसी भी जन्म में नहीं उतार पाएंगे आपका ये क़र्ज़।

आपने ही हार ना मानकर आत्मसम्मान के साथ हमें जीना सिखाया,
अन्याय के सामने चुप न बैठकर सच्चाई की राह में चलना सिखाया।
इतने विषम परिस्थितियों में भी जाने कैसे 4 बच्चों को लिया आपने संभाल,
सब कुछ होकर भी मेरा तो 2 बच्चे पालने में ही हो गया है बुरा हाल।

आज जिस मुकाम पर हम पहुँचे हैं, यह आपके ही बलिदानों का परिणाम है,
सदैव ऋणी रहेंगे माँ हम आपके, आपको शत-शत प्रणाम है ।
जन्मदिन पर आपके सदा आप स्वस्थ और खुश रहो यही कामना है,
सिर्फ इसी नहीं हर जनम में आप ही बनो हमारी मां यही तमन्ना है।

 

 

आरती

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मेरी माँ

कैसे कहूं शुक्रिया आपका मैं हे भगवान
मां के रूप में मुझे मिला है अनमोल वरदान ।
मां के बारे में क्या कहूं और क्या करूं गुणगान,
माँ से ही मेरी हस्ती माँ पापा से ही मेरा अभिमान ।

पापा ने पैसे कमाए पर सही रास्ता आपने ही दिखाया है,
सिर्फ माँ बाप कभी धोखा नहीं दे सकते बाकी जग तो पराया है।
ना खरीदे गहने कपड़े, ना घूमें कभी आप लोग महंगी गाड़ी में,
हमारे उज्जवल भविष्य की तपस्या में सालों गुजारे 2 सूती साड़ी में।

अपना जीवन काटा कष्टों में, सब इच्छाएँ और ख्वाहिशें भी दबाई,
सारे दर्द सहकर हमारे आगे बढ़ने की राह आसान बनाई,
खुद अनपढ़ हो कर भी हमें शिक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाया,
तिनका तिनका बचाकर एक अनजान शहर में अपना घरौंदा बनाया।

झूठा दिखावा ना कर कहा मेहनत से अपनी पहचान बनाओ,
पैसा नहीं तुम लोग बस पढ़ लिखकर दुनिया में नाम कमाओ ।
मम्मी पापा आप दोनों ने बखूबी निभाया है अपना फर्ज,
इस जन्म में तो क्या किसी भी जन्म में नहीं उतार पाएंगे आपका ये क़र्ज़।

आपने ही हार ना मानकर आत्मसम्मान के साथ हमें जीना सिखाया,
अन्याय के सामने चुप न बैठकर सच्चाई की राह में चलना सिखाया।
इतने विषम परिस्थितियों में भी जाने कैसे 4 बच्चों को लिया आपने संभाल,
सब कुछ होकर भी मेरा तो 2 बच्चे पालने में ही हो गया है बुरा हाल।

आज जिस मुकाम पर हम पहुँचे हैं, यह आपके ही बलिदानों का परिणाम है,
सदैव ऋणी रहेंगे माँ हम आपके, आपको शत-शत प्रणाम है ।
जन्मदिन पर आपके सदा आप स्वस्थ और खुश रहो यही कामना है,
सिर्फ इसी नहीं हर जनम में आप ही बनो हमारी मां यही तमन्ना है।

 

 

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