चाय से चुनाव तक

चाय से चुनाव तक

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dineshkumar singh

21 Jul 20243 min read

Published in stories

चाय से चुनाव तक

बात २०१४ की हैं। चुनावी माहौल गरमा रहा था।  इसी बीच समाचार आया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार श्री नरेंद्र मोदी १२ फरवरी २०१४ को  अहमदाबाद में एक चाय की दुकान से “चाय पर चर्चा” नाम के कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।  थोड़ा आश्चर्य हुआ कि यह क्या पहेली है।  सभी को इसमें दिलचस्पी होने लगी।  तब तक जो बात जनमानस को नहीं पता थी या बहुत प्रसिध्द (पॉपुलर) नहीं थी कि मोदीजी पहले एक चायवाले की भूमिका भी निभा चुके हैं, अब हर घर में गुजने लगे।

जिस तरह से क्रिकेट और सिनेमा हर भारतीय को जोड़ता है, चाय भी लगभग हर एक घर का हिस्सा है।  वाह, क्या प्रचार का क्या नया तरीका निकाला (मार्केटिंग स्ट्रेटेजी) ।  यह सुझाव था उनके राजनितिक सलाहकार श्री प्रशांत किशोर का।

यह कार्यक्रम इस बात पर प्रकाश डालता था  कि श्री मोदी ने एक युवा लड़के के रूप में ट्रेनों में चाय बेची। आज वह, कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए एक विशाल प्रतिद्वंदी के रूप में तैनात है, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री की मामूली उत्पत्ति के बारे में तीखी टिप्पणी की थी ।

इस कार्यक्रम को बहुत प्रचारित किया गया। खासकर देश के लाखों चायवालों में एक उत्साह का माहौल था।  चाय की टपरी पर चर्चा तो हर बार होती है।  और आज तो प्रधानमंत्री पद के दावेदारी को लेकर एक राजनितिक चर्चा होनी थी।

प्रारंभ में सुरक्षा कारणों से मोदी जी  के कार्यक्रम स्थल का सही स्थान गुप्त रखा जा रहा था। अन्ततः शाम 6 से 7 बजे के बीच, मोदी जी पश्चिमी अहमदाबाद में इस्कॉन गांधी चाय की दुकान से  ‘चाय पे चर्चा’ कार्यक्रम में अपने लाखों समर्थकों और उत्सुक दर्शकों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़े। देश भर के चुनिंदा चाय के स्टालों में बड़ी टीवी स्क्रीन या प्रोजेक्टर थे और उपग्रह, डीटीएच, इंटरनेट और मोबाइल के माध्यम से अहमदाबाद केंद्र से जुड़े थे। जिससे मोदी जी स्क्रीन पर चाय के साथ दिखाई दिए।  आज के ‘चाय पर चर्चा’ का विषय था ‘सुशासन’।

बुधवार को चाय पर बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार से लोग जो सवाल पूछना चाहते हैं, उनके लिए आयोजक प्रशांत किशोर के एनजीओ सिटीजन्स फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस की  ने अपनी वेबसाइट खोल दी थी. उन लोगों में से पांच प्रतिभागियों को श्री मोदी से अपने प्रश्न पूछने के लिए चुना गया। मोदी जी ने  चुने गए सवालों के जवाब दिए। इस कार्यक्रम का 300 शहरों में 1,000 चाय स्टालों पर सीधा प्रसारण किया गया। भाजपा ने 12 से 15 ऐसे सत्र आयोजित किये, जिसमें अन्य शीर्ष नेता भी चाय पर जनता से जुड़ें।

यह अनूठा  संयोजन मई २०१४ में होने वाले आम चुनावों के अभियान का हिस्सा था।

 

दिनेश कुमार सिंह

 

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बात २०१४ की हैं। चुनावी माहौल गरमा रहा था।  इसी बीच समाचार आया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार श्री नरेंद्र मोदी १२ फरवरी २०१४ को  अहमदाबाद में एक चाय की दुकान से “चाय पर चर्चा” नाम के कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।  थोड़ा आश्चर्य हुआ कि यह क्या पहेली है।  सभी को इसमें दिलचस्पी होने लगी।  तब तक जो बात जनमानस को नहीं पता थी या बहुत प्रसिध्द (पॉपुलर) नहीं थी कि मोदीजी पहले एक चायवाले की भूमिका भी निभा चुके हैं, अब हर घर में गुजने लगे।

जिस तरह से क्रिकेट और सिनेमा हर भारतीय को जोड़ता है, चाय भी लगभग हर एक घर का हिस्सा है।  वाह, क्या प्रचार का क्या नया तरीका निकाला (मार्केटिंग स्ट्रेटेजी) ।  यह सुझाव था उनके राजनितिक सलाहकार श्री प्रशांत किशोर का।

यह कार्यक्रम इस बात पर प्रकाश डालता था  कि श्री मोदी ने एक युवा लड़के के रूप में ट्रेनों में चाय बेची। आज वह, कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए एक विशाल प्रतिद्वंदी के रूप में तैनात है, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री की मामूली उत्पत्ति के बारे में तीखी टिप्पणी की थी ।

इस कार्यक्रम को बहुत प्रचारित किया गया। खासकर देश के लाखों चायवालों में एक उत्साह का माहौल था।  चाय की टपरी पर चर्चा तो हर बार होती है।  और आज तो प्रधानमंत्री पद के दावेदारी को लेकर एक राजनितिक चर्चा होनी थी।

प्रारंभ में सुरक्षा कारणों से मोदी जी  के कार्यक्रम स्थल का सही स्थान गुप्त रखा जा रहा था। अन्ततः शाम 6 से 7 बजे के बीच, मोदी जी पश्चिमी अहमदाबाद में इस्कॉन गांधी चाय की दुकान से  ‘चाय पे चर्चा’ कार्यक्रम में अपने लाखों समर्थकों और उत्सुक दर्शकों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़े। देश भर के चुनिंदा चाय के स्टालों में बड़ी टीवी स्क्रीन या प्रोजेक्टर थे और उपग्रह, डीटीएच, इंटरनेट और मोबाइल के माध्यम से अहमदाबाद केंद्र से जुड़े थे। जिससे मोदी जी स्क्रीन पर चाय के साथ दिखाई दिए।  आज के ‘चाय पर चर्चा’ का विषय था ‘सुशासन’।

बुधवार को चाय पर बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार से लोग जो सवाल पूछना चाहते हैं, उनके लिए आयोजक प्रशांत किशोर के एनजीओ सिटीजन्स फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस की  ने अपनी वेबसाइट खोल दी थी. उन लोगों में से पांच प्रतिभागियों को श्री मोदी से अपने प्रश्न पूछने के लिए चुना गया। मोदी जी ने  चुने गए सवालों के जवाब दिए। इस कार्यक्रम का 300 शहरों में 1,000 चाय स्टालों पर सीधा प्रसारण किया गया। भाजपा ने 12 से 15 ऐसे सत्र आयोजित किये, जिसमें अन्य शीर्ष नेता भी चाय पर जनता से जुड़ें।

यह अनूठा  संयोजन मई २०१४ में होने वाले आम चुनावों के अभियान का हिस्सा था।

 

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