सबसे बड़ा कौन है?

सबसे बड़ा कौन है?

Avatar
dineshkumar singh

10 Aug 20242 min read

Published in poetry

Winner of StoryBerrys Poetry Challenge Apr 2023  

सबसे बड़ा कौन है?

 

एक होड़ लगी कि

सबसे बड़ा कौन है?

पेड़ पौधे, पर्वत पहाड़,

या उनके ऊपर

फैला नभ, जो मौन है।

सबसे बड़ा कौन है?

 

मिट्टी से निकलकर, सभी आते है,

मिट्टी में ही आखिर, मिल जाते है।

कोई कुछ मास, कोई कुछ बरस,

कोई युगों तक जीते हैं।

पर अमृत सब इसी धरा का पीते हैं।

फिर यह स्पर्धा क्यूं, कौन बड़ा कौन गौण है?

सबसे बड़ा कौन है?

 

माना जमीन से ऊंचे पठार है,

पठार से ऊंचे पर्वत।

पर्वत से ऊंचे, आकाश,

उनसे ऊंचा सूर्यप्रकाश।

गणित से तो यह प्रश्न हल हो जाता है,

पर सही उत्तर अभी भी मौन है।

सबसे बड़ा कौन है?

 

इंसान,

इंसान है, जो शिखरों का दंभ तोड़ देता है,

नदियों का मुख मोड देता है,

जो परबत पठारों पर चढ़ जाता है,

उनका सीना फाड़ कर,

नए रस्ते बनाता है,

वह ही, जो नभ से परे भी विचरता है।

दूसरे ग्रहों पर, पग रखता है।

 

जिसमें इस रस्ते सी सरलता हो,

इन पहाड़ों सा अदम्य साहस हो,

नभ सी विशालता हो,

सबसे बड़ा वह है,

बाकी सब गौण है।

 

दिनेश कुमार सिंह

Comments (0)

Please login to share your comments.



Storyberrys — Discover & Share Creative Stories

Read short stories, poetry, art and more — from a community of storytellers, in English and Hindi.

© Copyright 2026 Storyberrys Digital Services LLP. All rights reserved.

सबसे बड़ा कौन है?

सबसे बड़ा कौन है?

Avatar
dineshkumar singh

10 Aug 20242 min read

Published in poetry

Winner of StoryBerrys Poetry Challenge Apr 2023  

सबसे बड़ा कौन है?

 

एक होड़ लगी कि

सबसे बड़ा कौन है?

पेड़ पौधे, पर्वत पहाड़,

या उनके ऊपर

फैला नभ, जो मौन है।

सबसे बड़ा कौन है?

 

मिट्टी से निकलकर, सभी आते है,

मिट्टी में ही आखिर, मिल जाते है।

कोई कुछ मास, कोई कुछ बरस,

कोई युगों तक जीते हैं।

पर अमृत सब इसी धरा का पीते हैं।

फिर यह स्पर्धा क्यूं, कौन बड़ा कौन गौण है?

सबसे बड़ा कौन है?

 

माना जमीन से ऊंचे पठार है,

पठार से ऊंचे पर्वत।

पर्वत से ऊंचे, आकाश,

उनसे ऊंचा सूर्यप्रकाश।

गणित से तो यह प्रश्न हल हो जाता है,

पर सही उत्तर अभी भी मौन है।

सबसे बड़ा कौन है?

 

इंसान,

इंसान है, जो शिखरों का दंभ तोड़ देता है,

नदियों का मुख मोड देता है,

जो परबत पठारों पर चढ़ जाता है,

उनका सीना फाड़ कर,

नए रस्ते बनाता है,

वह ही, जो नभ से परे भी विचरता है।

दूसरे ग्रहों पर, पग रखता है।

 

जिसमें इस रस्ते सी सरलता हो,

इन पहाड़ों सा अदम्य साहस हो,

नभ सी विशालता हो,

सबसे बड़ा वह है,

बाकी सब गौण है।

 

दिनेश कुमार सिंह

Comments (0)

Please login to share your comments.



Storyberrys — Discover & Share Creative Stories

Read short stories, poetry, art and more — from a community of storytellers, in English and Hindi.

© Copyright 2026 Storyberrys Digital Services LLP.

All rights reserved.